एक राज्य से दूसरे राज्य भेजने का क्या मतलब..!
रेलवे ग्रुप C के परीक्षार्थी कटिहार पूर्णिया मधेपुरा सुपौल हरसा इत्यादि जिला के छात्र पंजाब,केरल उड़ीसा परीक्षा देने जाएे, यह षड्यंत्र है हम तो कहते है दुबई भेज देते,बेहतर होता !मोदी जी क्या यही अच्छे दिन हैं छात्रों का ?
समस्या यहीं ख़त्म नहीं होगा छात्रों का अब जो भूपेंद्र नारायण मंडल यूनिवर्सिटी में प art2 और प art3 में नामांकित है उनका परीक्षा भी 7 अगस्त से शुरू हो रहा है ! जैसे की कुछ छात्रों के पार्ट 2 का परीक्षा 30अगस्त को ख़त्म होना है और उससे एक दिन पहले 29 अगस्त को रेलवे का परीक्षा है क्या यह संभव है की वे इंदौर मध्यप्रदेश से 29 अगस्त को परीक्षा देकर पुनः 30 अगस्त को k p कॉलेज मुरलीगंज मधेपुरा वापस आकर परीक्षा दे पाएंगे ? आज सवाल मोदी जी से नहीं करूँगा मैं मुझे उनसे कोई गिला शिकवा नहीं मुझे शिकायत उन नौजवान साथियों से है जो भक्ति में लीन होकर इस प्रकार अगर कोई केंद्र सर्कार और मोदी जी के खिलाफ कुछ लिखता है तो मेरे अपने साथी अभद्र भाषाओँ का प्रयोग करने लगते हैं !
साथियों केंद्र सर्कार के इस नियत और नीति को समझने की आवस्यकता है जो छात्रों को तंग और परेशान ही कर रही हैं ! वादा 2 करोड़ रोज़गार देने का हुआ थ सां आप खुद अनुभव करें क्या ऐसा हुआ ?
और आप इसी रेलवे फॉर्म को भरने में हुई कठनाई अन्य फॉर्म और परीक्षा में भी इसी प्रकार छात्रों को परेशान किया जा रहा है !
मुझे लगता है, गरीब छात्र को खुन बेचकर परीक्षा देने जाना होगा, 400 रू नहीं देते रेल मंत्रीजी, तो सही था, अब मौहाली पँहुच कर अाने में 3000-4000 ₹ चाहिऐ, जो कि गरीब छात्र के लिए इतना पैसा कहाँ से आएगा
इससे पहले भी सभी रेलवे बोर्डों का सम्मिलित परीक्षा हुई है जो कि परीक्षार्थी के होम स्टेट में ही सेंटर दिया जाता था सभी ट्रेनों में आरक्षित सीटों में लंबी वेटिंग लिस्ट अभी से ही दिखाई दे रही है !
यह रेल मंत्री का सोची समझी साजिश है कि दूर सेंटर रहने पर छात्र परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो पाएंगे और रेलवे बोर्ड को ₹400 लौटाना नहीं पड़ेगा
इस वैकेंसी के शुरुआत से ही छात्रों को आंदोलन करना पड़ा है अभ्यर्थी से पहले ₹500 भी दिया गया बाद में पुनः नोटिफिकेशन आया कि ₹400 परीक्षा के बाद लौटा दिया जाएगा फिर छात्रों ने आंदोलन किया ग्रुप D से ITI को हटाने के लिए फिर नोटिफिकेशन आया ITI को हटाया गया!
रेलवे ग्रुप C के परीक्षार्थी कटिहार पूर्णिया मधेपुरा सुपौल हरसा इत्यादि जिला के छात्र पंजाब,केरल उड़ीसा परीक्षा देने जाएे, यह षड्यंत्र है हम तो कहते है दुबई भेज देते,बेहतर होता !मोदी जी क्या यही अच्छे दिन हैं छात्रों का ?
समस्या यहीं ख़त्म नहीं होगा छात्रों का अब जो भूपेंद्र नारायण मंडल यूनिवर्सिटी में प art2 और प art3 में नामांकित है उनका परीक्षा भी 7 अगस्त से शुरू हो रहा है ! जैसे की कुछ छात्रों के पार्ट 2 का परीक्षा 30अगस्त को ख़त्म होना है और उससे एक दिन पहले 29 अगस्त को रेलवे का परीक्षा है क्या यह संभव है की वे इंदौर मध्यप्रदेश से 29 अगस्त को परीक्षा देकर पुनः 30 अगस्त को k p कॉलेज मुरलीगंज मधेपुरा वापस आकर परीक्षा दे पाएंगे ? आज सवाल मोदी जी से नहीं करूँगा मैं मुझे उनसे कोई गिला शिकवा नहीं मुझे शिकायत उन नौजवान साथियों से है जो भक्ति में लीन होकर इस प्रकार अगर कोई केंद्र सर्कार और मोदी जी के खिलाफ कुछ लिखता है तो मेरे अपने साथी अभद्र भाषाओँ का प्रयोग करने लगते हैं !
साथियों केंद्र सर्कार के इस नियत और नीति को समझने की आवस्यकता है जो छात्रों को तंग और परेशान ही कर रही हैं ! वादा 2 करोड़ रोज़गार देने का हुआ थ सां आप खुद अनुभव करें क्या ऐसा हुआ ?
और आप इसी रेलवे फॉर्म को भरने में हुई कठनाई अन्य फॉर्म और परीक्षा में भी इसी प्रकार छात्रों को परेशान किया जा रहा है !
मुझे लगता है, गरीब छात्र को खुन बेचकर परीक्षा देने जाना होगा, 400 रू नहीं देते रेल मंत्रीजी, तो सही था, अब मौहाली पँहुच कर अाने में 3000-4000 ₹ चाहिऐ, जो कि गरीब छात्र के लिए इतना पैसा कहाँ से आएगा
इससे पहले भी सभी रेलवे बोर्डों का सम्मिलित परीक्षा हुई है जो कि परीक्षार्थी के होम स्टेट में ही सेंटर दिया जाता था सभी ट्रेनों में आरक्षित सीटों में लंबी वेटिंग लिस्ट अभी से ही दिखाई दे रही है !
यह रेल मंत्री का सोची समझी साजिश है कि दूर सेंटर रहने पर छात्र परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो पाएंगे और रेलवे बोर्ड को ₹400 लौटाना नहीं पड़ेगा
इस वैकेंसी के शुरुआत से ही छात्रों को आंदोलन करना पड़ा है अभ्यर्थी से पहले ₹500 भी दिया गया बाद में पुनः नोटिफिकेशन आया कि ₹400 परीक्षा के बाद लौटा दिया जाएगा फिर छात्रों ने आंदोलन किया ग्रुप D से ITI को हटाने के लिए फिर नोटिफिकेशन आया ITI को हटाया गया!

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